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बुधवार, 23 जून 2021

शीशे के घरों में रहनेवाले दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते



अंधविरोध में पाड़े जी इतना बौखला गये हैं कि बेचारे को पल्स पोलियो और चाइनीज वाययस कोरोना के टीके में कोई अंतर नहीं मालूम है। कांग्रेस और वामपंथी दलों की गोद में बैठकर खबरों का एजेंडा सेट करनेवाला यह महाशय हर विरोधी विचार रखनेवाले को गोदी मीडिया और अंधभक्त का सर्टिफिकेट बांटता फिरता है।
2014में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में पूर्ण बहुमत से भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही इन जैसों की मानसिक स्थिति लुंजपुंज हो चुकी है। लुटियन जोन से संबद्ध दस जनपथ का अतिप्रिय यह व्यक्ति हमेशा से एकतरफा विचारों का पोषक रहा है। यह उत्तर प्रदेश के नोएडा के दादरी में गौमांस खाने के आरोप में भीड़ द्वारा मारे गये अखलाक के लिए टीवी स्क्रीन काला कर मुस्लिम समुदाय का हीरो बनता है वहीं, दिल्ली में डॉक्टर पंकज नारंग की अवैध बांग्लादेशियों द्वारा पीट-पीटकर हत्या, अंकित सक्सेना की गला रेतकर हत्या, ध्रुव त्यागी की हत्या, चंदन गुप्ता की हत्या.., रिंकू शर्मा की हत्या पर मुंह में दही जमा लेता है।
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में सुनियोजित तरीके से आयोजित तथाकथित धरना फिर दंगा व आगजनी और आईबी के कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की चाकुओं से गोदकर की गई हत्या, आप के पार्षद ताहिर हुसैन के घर से पेट्रोल बम, गुलेल, पत्थर आदि जमा करने और प्रयोग करने पर लुटियन जोन के अन्य पत्रकारों की तरह या तो चुप्पी साध लेता रहा है या फिर लीपापोती में लगा रहा है।
अपने बड़े भाई और तत्कालीन बिहार कांग्रेस उपाध्यक्ष ब्रजेश पांडेय के दलित लड़की के योन शोषण में शामिल होने की खबर पर यह एक टीकर नहीं चलाता।



आम आदमी पार्टी के पक्ष में पंजाब में हवा बनाने के लिए यह लगातार सवा महीने कैम्पेन करता है। यह इनका अपना लोकतांत्रिक अधिकार है,लेकिन वही काम दूसरे करें तो वो गोदी मीडिया हो जाता है।
इसे रेमन मैगसेसे पुरस्कार प्राप्त है। अब तो ऐसे पुरस्कारों की असलियत दुनिया जान चुकी है। इसके पीछे किस तरह की लॉबी काम करती है। दिक्कत यह है कि पत्रकारिता के छात्रों के बीच यह आज भी रोल मॉडल है। कहने की जरूरत नहीं कि ऐसे सारे लोग इन्हीं की तरह की सोच रखनेवाले लोग हैं।


इसी देश में पल्स पोलियो अभियान को मुस्लिम इलाकों में कितना विरोध का सामना करना पड़ा उस पर यह कभी नहीं मुंह खोलता है। मौलानाओं ने पल्स पोलियो अभियान के बारे में यह अफवाह फैला दी कि इससे बच्चों में नपुंसकता आ जाएगी। बच्चे ठीक से ख़ड़े न हो पाएं, यह किसी मौलाना की चिंता नहीं, लेकिन लोगों में नपुंसक होने की अफवाह फैलाकर इन सबने बड़ी आबादी को प्रभावित कर दिया। कुछ समय पहले ही बिहार में पल्स पोलियो टीकाकरण टीम को मुस्लिम बहुल इलाके में मारपीट का सामना करना पड़ा था। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद टीम गांव से बाहर निकल सकी थी। इसके बावजूद लुटियन जोन के किसी पत्रकार ने इस मसले को तवज्जो नहीं दिया। इन सभी का एजेंडा फिक्स है। ये डासना में मंदिर में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले मुस्लिम लड़के को एक थप्पड़ मारने की घटना पर जमीन-आसमान एक कर सखते हैं,लेकिन तथाकथित किसान आंदोलन के नाम पर जमा गुंडों की गुंडागर्दी पर मुंह में दही जमा लेते हैं। वहां एक लड़की से कई लोग रेप करते हैं इसके बावजूद मामले को दबाने की कोशिश की जाती है,जबकि यह घटना योगेंद्र यादव को भी मालूम थी। लड़की की मृत्यु के बाद मामला तूल पकड़ लेता है। इस चुप्पी का अगला पड़ाव एक व्यक्ति को पेट्रोल छिड़कर जान से मार दिया जाता है,लेकिन कोई टीवी स्क्रीन काला नहीं करता। कहीं कोई पत्ता नहीं खड़खड़ाता। सब कपने काम में व्यस्त हैं।


कोरोना वैक्सीन और पोलियो वैक्सीन की तुलना करना दिमागी तौर पर विक्षिप्त होने का परिचय है। पोलियो की दो बूंद दवा एक पैरा टीचर भी पिला देता है, जरूरी नहीं कि सिर्फ प्रशिक्षित नर्स ही हों,जबकि चाइनीज़ वाययस कोरोना की वैक्सीन के लिए एक प्रशिक्षित नर्स की जरूरत है। टीकाकरण के बाद आधा घंटा रुकना पड़ता है,ताकि टीका का असर देखा जाए। इसके अलावा कई प्रक्रिया को पूरा करना होता है। कांग्रेस और वामपंथियों की गोद में बैठकर एजेंडा सेट करनेवाले इस व्यक्ति को भी यह सब मालूम है,लेकिन इसका काम ही यही है। सिर्फ और सिर्फ नकारात्मकता फैलाना। यह समुदाय विशेष में काफी लोकप्रिय है,क्योंकि दोनों को मोदी-योगी-शाह और संघ से नफरत है। खबरों की दुनिया में रहनेवाला हर व्यक्ति इसके विचारों को जान चुका है। यह किस मुद्दे पर डोलेगा,किस पर पलटी मारेगा और किस पर लीपापोती करेगा अब कुछ भी छुपा हुआ नहीं है। यह खुद ही गोद में बैठा हुआ है।
...चिनॉय सेठ शीशे के घरों में बैठकर दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। खुद अपनी अंतरात्मा कै झांको और देखो कि आप कहां खड़े हो और आप जो कह-कर रहे हो, वह रेमन मैगसेसे पुरस्कृत व्यक्ति के लिए कितना प्रासंगिक है।


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