हरेश कुमार
बाबा नीम करौली ने 1964 में कैंची धाम में मंदिर की स्थापना की थी। हर साल 15 जून को इस पावन धाम में बड़े जोर-शोर से मंदिर का स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस दिन दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु मंदिर में आते हैं। बाबा नीम करली 1961 में इस मंदिर में पहली बार आए और उन्होंने अपने मित्र पूर्णानंद जी के साथ मिलकर यहां आश्रम बनाने का विचार किया था। देश-विदेश से लाखों भक्त यहां हनुमान जी का आशीर्वाद लेने आते हैं। बाबा के भक्तों ने इस स्थान पर हनमान जी का एक भव्य मंदिर बनवाया। यहां बाबा नीम करौली महाराज की भी एक भव्य मूर्ति स्थापित की गई है।
नीम करौली बाबा का वास्तविक नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था। उत्तर प्रदेश के अकबरपुर गांव में 1900 के आसपास में उनका जन्म हुआ था। उन्होंने 11 सितंबर 1973 को वृंदावन में अपने शरीर क त्याग किया था। कहा जाता है कि बाबा के आश्रम में सबसे अधिक अमेरिकी ही आते हैं। आश्रम पहाड़ी इलाके में देवदार के पेड़ों के बीच में स्थित है। यहां पांच देवी-देवताओं के मंदिर हैं। इनमें हनुमान जी का भी एक मंदिर है। बाबा नीम करौली महाराज हनुमान जी के परम भक्त थे और उन्होंने देशभर में हनुमान जी के कई मंदिर बनवाए थे।
नीम करौली बाबा के भक्तों में एप्पल के मालिक स्टीव जॉब्स, फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग और हॉलीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स का नाम लिया जाता है।
रिचर्ड एलपर्ट (रामदास) ने नीम करौली बाबा के चमत्कारों पर 'मिरेकल ऑफ लव' नामक किताब में बाबा के बारे में लिखा है कि बाबा हमेशा एक कंबल ओढ़ा करते थे। आज भी लोग जब उनके मंदिर जाते हैं तो उन्हें कंबल भेंट करते हैं।
बाबा नीम करौली महाराज के दो पुत्र और एक पुत्री हैं। ज्येष्ठ पुत्र अनेक सिंह अपने परिवार के साथ भोपाल में रहते हैं, जबकि कनिष्ठ पुत्र धर्म नारायण शर्मा वन विभाग में रेंजर के पद पर रहे थे। हाल ही में उनका निधन हो गया है।
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए वहां धर्मशाला भी है। अगर कोई श्रद्धालु धर्मशाला में रुकना चाहते हैं तो वे 5757514080 नंबर पर फोन करके रिजर्वेशन करा सकते हैं। शाम 6 बजे से पहले चेक इन करना होगा। चेक आउट का समय सुबह 11 बजे का रखा गया है।
वहीं, श्रद्धालुओं को यहां सिर्फ तीन रात रुकने की मंजूरी दी जाती है और यहां रुकने वाले यात्रियों को सुबह और शाम की आरती में शामिल होना जरूरी होता है। ज्यादा जानकारी के लिए kainchidhamgmail.com पर जा सकते हैं।
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